वाह रे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भोकाल के आगे भगवान को भूल गए...

रिपोर्ट--गोपाल सिंह


आज 17 सितम्बर जो आज से पहले देश जानता था कि इस दिन भगवान विश्कर्मा का दिवस होता है उन्ही की पूजा होती है और विश्कर्मा भगवान से ही हमारी आर्थिक संरचना भी हुई थी,लेकिन सन 2019 में 17 सितम्बर का जो दिन था वो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का था भगवान विश्वकर्मा से उसका कोई लेना देना नही था।



आज सुबह से जब न्यूज़ चैनल का मुह देखा तो देखा कि पीएम मोदी गुजरात पहुंच गए हैं वहां वो फलां फलां कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और तो और नरेंद्र मोदी ने कितनी तितली उड़ाई ये सब भी न्यूज़ चैनलों ने बखूबी दिखाया मगर किसी ने ये नही बताया कि आज भगवान विष्वकर्मा की भी पूजा है जिसे देश बड़े हर्षोल्लास के साथ मना रहा है।बड़ा ताज्जुब हुआ आज का समाचार देखकर के मोदी मैजिक के आगे भगवान विश्कर्मा का वो जादू भी फेल हो गया जिसके द्वारा आज के समय में ना जाने कितने लोग अपना पेट पाल रहे हैं।



धन्य है हमारी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जो उगते सूरज को ही सलाम करने में विश्वास रखती है शायद उसको इस बात का अंदाज़ा नही की ये सब तो समय के साथ गायब भी हो जाएगा लेकिन इतिहास कभी गायब नही होता और इतिहास बताता है कि 17 सितम्बर भगवान विश्कर्मा का दिन है जिसे बड़ी धूम धाम के साथ मनाया जाता है।



उत्तर प्रदेश में भी आज के दिन काफी सन्नाटा दिखा बच्चे तक ये भूल गए के आज विश्कर्मा पूजा है जिसका कारण है हमारी यूपी सरकार जिसने इस दिन की छुट्टी को ही निरस्त कर दिया जब छुट्टी नही तो बच्चों को उस दिवस से क्या लेना देना हम 2 अक्टूबर को छुट्टी करेंगे उस दिन गांधी जी पैदा हुए थे लेकिन विश्कर्मा भगवान की पैदाइश से हमारा कोई लेना देना नही वाह रे भारतीय संस्कृति और भारतीय राजनीति जहां से वोट आये उसी को याद रखना बाकी को हवा में उड़ा देना कोई आपसे ही सीखे।।।