बेटे ने किया था सरेंडर, माँ ने फिर सम्भाली कमान...

रिपोर्ट---रज़िया बानो खान 


 

2019 लोकसभा चुनाव में अपने हाशिये पर पहुंची कांग्रेस पार्टी को एक नया अध्यक्ष मिल गया है हालांकि इसमें नया तो कुछ नज़र नही आ रहा लेकिन राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद अध्यक्ष पद की खाली पड़ी सीट को उनकी माता जी यानी सोनिया गांधी ने ग्रहण कर लिया जब तक तब तक कोई ऐसा अध्यक्ष ना मिल जाये जो पार्टी को नई ऊंचाई पर ले जाये तब तक। 

 


 

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से करीब ढाई महीने तक बिना अध्यक्ष के रही कांग्रेस को आखिरकार गांधी परिवार से ही नया अध्यक्ष मिल गया है। कांग्रेस कार्यसमिति ने सोनिया गांधी को नया कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष चुना है। कांग्रेस अधिवेशन में नियमित अध्यक्ष के चुनाव तक वह पार्टी की बागडोर संभालेंगी। सीडब्लूसी बैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया गांधी सबसे तजुर्बेकार नेता हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस के संविधान के मुताबिक सी डब्ल्यू सी के पास सिर्फ अंतरिम अध्यक्ष चुनने का ही अख्तियार है।सीडब्लूसी की बैठक के बाद  कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला और महासचिव सी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। वेणुगोपाल ने बताया, कांग्रेस कार्यसमिति की दूसरी बैठक साढ़े 8 बजे शुरू हुई और अभी-अभी खत्म हुई है। बैठक में सर्वसम्मति से 3 प्रस्ताव पास किए गए।

 


 

3 प्रस्ताव पारित, राहुल के नेतृत्व की तारीफ 

कांग्रेस कार्यसमिति में पास हुए पहले प्रस्ताव में राहुल गांधी के नेतृत्व की तारीफ की गई। प्रस्ताव में कहा गया कि राहुल गांधी ने बेबाकी से देश के मुद्दों को उठाया, पार्टी को नई ऊर्जा दी और कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। दूसरा प्रस्ताव राहुल गांधी को अध्यक्ष पद न छोड़ने की अपील संबंधी पास किया गया। वेणुगोपाल ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों, विधायक दल के नेताओं, सांसदों और अन्य नेताओं से चर्चा के बाद सी डब्ल्यू सी ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बनना चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी ने विनम्रता से इसे ठुकरा दिया। बाद में सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया। वह नियमित अध्यक्ष चुने जाने तक पार्टी की कमान संभालेंगी। 

 


 

सीडब्लूसी में तीसरा प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर पास किया गया। प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के हालात पर चिंता जताई गई। वेणुगोपाल ने कहा कि प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार सभी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत दे।  यहां आपको बता दें कि मई में राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था क्योंकि उनकी अध्यक्षता में पार्टी की लोकसभा चुनाव में  करारी हार हुई थी जिस के बाद राहुल गांधी ने 25 मई को हुई सीडब्ल्यूसी मीटिंग में पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस वक्त उनके इस्तीफे को अस्वीकार करते हुए सीडब्ल्यूसी ने उन्हें पार्टी में किसी बदलाव के लिए अधिकृत किया था, हालांकि गांधी अपने रुख पर अड़े रहे और स्पष्ट किया था कि न तो वह और न ही गांधी परिवार का कोई दूसरा सदस्य इस जिम्मेदारी को संभालेगा। हालांकि, एक बार फिर गांधी परिवार के पास ही पार्टी की कमान है। 

 


 

आपको ये भी बता दें कि सोनिया के नाम सबसे लंबे वक्त तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने का रेकॉर्ड है। सोनिया गांधी ने इससे पहले 1998 में पार्टी की तब बागडोर संभाली थी, जब एनडी तिवारी, अर्जुन सिंह जैसे तमाम बड़े नेता कांग्रेस से अलग हो गए थे। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने जबरदस्त वापसी की और 2004 से लेकर 2014 तक कांग्रेस की अगुआई में यूपीए की सरकार भी रही। वह 1998 में अध्यक्ष बनीं और 2017 तक वह इस पद पर बनी रहीं। उनके बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने पार्टी की बागडोर संभाली लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

 


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