राहुल गांधी ने किसी की नही मानी और सार्वजनिक किया अपना त्यागपत्र...
खास रिपोर्ट---रज़िया बानो खान....

 


 

2019 लोक सभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है,.....एक तरफ जहां वो विपक्ष में आने लायक सीट नही जुटा पायी,...वही दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी गांधी मुक्त होती नजर आ रही है।वैसे तो राहुल ने 25 मई यानी 23 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद ही हार की ज़िम्मेदारी ली और अपना त्याग पत्र दे दिया था लेकिन उसके बाद पार्टी के नेताओ ने मान मनौवल का दौर चलाया जिसमे भी सभी नाकाम रहे और आज यानी 3 जुलाई को उन्होंने बकायदा अपने टिवीटर हैंडल पे एक चिट्ठी सार्वजनिक कर अपना इस्तीफा पेश किया हालांकि अभी भी कांग्रेस की वर्किंग कमेटी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नही किया है लेकिन राहुल ने अध्यक्ष पद को साफ साफ ना बोल दिया है।

 


 

राहुल गांधी ने जो चिट्ठी डाली है उसमें उन्होंने कहा है कि वो पार्टी की हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे रहे हैं यहां तक तो ठीक बात समझ मे आती है लेकिन इनके आगे उन्होंने जो कहा वो बात ना उगली जा रही ना निगली जा रही है।राहुल गांधी ने अपने चार पन्ने की चिट्ठी में लिखा है कि देश की हर संवैधानिक संस्था आर एस एस का कब्ज़ा हो गया है उनका कहना है कि देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है यही नही उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर कई आरोप लगाए बस जनता को बक्श दिया है क्योंकि राहुल जानते हैं कि जनता ही है जो उन्हें दोबारा सत्ता सुख दिला सकती है।

 


 

वैसे देखा जाए तो इस बात में कतई संदेह नही के इस बार के चुनावी मैदान में भाजपा को अगर किसी ने टक्कर दी तो वो थे राहुल गांधी तमाम आलोचनाओ के बाद भी जो डटा रहा वो था राहुल गांधी अब इसे विडम्बना ही कहा जा सकता है कि जो देश सम्भालने की जंग लड़ रहा था वो आज खुद को पार्टी की कमान भी सम्भालने लायक नही समझ रहा।

 


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