बिहार के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और सरकार मुह छिपाये बैठी है...
रिपोर्ट---रज़िया बानो खान 

 


 

सुशासन बाबू के राज में इन दिनों बाढ़ ने हाहाकर मचा रखा है लेकिन सरकार कहती है कि स्थिति नियंत्रण में है।हाँ भाई सरकार ने 6-6 हज़ार रुपये बाढ़ पीड़ित लोगों को देने का एलान जो कर दिया है लेकिन कौन समझाए उनको के जिनका आशियाना उजड़ जाए उसे 6000 की मीठी गोली खिलाने से कोई आराम नही मिलेगा।आज भी बिहार की जो स्तिथि है वो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसे लोगो के लिए भयावह है।यहां आपको बता दें कि बिहार के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित है और तक़रीबन 80 लाख लोग इस जल संकट से जूझ रहे हैं।

 


 

बिहार में बाढ़ का कारण कोसी नदी,बागमती नदी है जो बारिश के पानी से इतनी बढ़ जाती है कि उसके आगे कोई बांध टिक नही पाता और आस पास के जिले जलमग्न होते दिखाई पड़ते हैं।वहां पक्के मकान भी पानी पानी हो गए हैं तो कच्चे मकान कहाँ खो गए होंगे। ये किसी को मालूम ही नही अब वहां के लोग मलबे में अपने मकान के निशान तलाशते नज़र आते हैं।किसी ने 10 लाख में मकान बनवाया तो 2 लाख खर्च कर के ही छोटा मकान बना पाया लेकिन जल सैलाब ऐसा आया कि वहां ना मकान बचा ना ग्रहस्ती का सामान।

 


 

यहां बिहार सरकार का दोष यही है कि उसने सिवाए मामूली मुवावजे के उन बाढ़ पीड़ितों के लिए कुछ नही किया।वहां की स्थिति का एक बार भी जायज़ा तक नही लिया मीडिया जो तस्वीरें दिखा रहा है उसे देख कर सरकार पर गुस्सा आना लाज़मी है।वहां ndrf के अलावा कोई सरकारी मदद नही है एक नाव भी नही मोहैया करा पा रही है बिहार सरकार वाह से सुशासन बाबू ऐसे चलेगी आपकी बिहार में सरकार।