शायद P.M की प्रज्ञा ठाकुर से नाराज़गी बरकरार है........???

खास रिपोर्ट---रज़िया बानो खान 

 



 

माले गांव बम धमाके में नाम आने से सुर्खियों में आई प्रज्ञा ठाकुर ने भाजपा के लिए जो काम किया है वो काबिले तारीफ है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को ऐसी पटखनी दी जिसकी उम्मीद खुद दिग्गी राजा को भी नही रही होगी। यहां प्रज्ञा ठाकुर ने साबित कर दिया कि जनता उनको कितना चाहती है।प्रज्ञा खुद अपने मन से इस चुनावी रण में नही आई थी बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने बहुत सोच विचार करने के बाद एमपी में दिग्गी राजा के विरुद्ध उनको खड़ा किया था। उनकी भाषा शैली और राष्ट्रवाद की बात लोगो को काफी पसंद आई।अपनी चुनावी यात्रा में उनके मुख से कुछ ऐसा भी निकला जो चुनाव आयोग को नही पसंद आया और उन पर कई घण्टो का प्रचार का प्रतिबंध भी लगा।

 


 

प्रतिबन्ध के बावजूद उन्होंने मन्दिर-मन्दिर जा कर दर्शन किया और अपनी कामयाबी की प्रार्थना भी की जो चुनाव परिणाम आने के बाद पूरी भी हुई। उन्होंने भाजपा को एक ऐसी सीट दिलाई जो प्रज्ञा ठाकुर ही दिला सकती थी लेकिन गोडसे को लेकर दिए गए उनके बयान ने उनकी जीत का रंग फीका कर दिया। उस बयान पर खूब बवाल भी मचा यहां तक कि नरेंद्र मोदी ने उन्हें उसके लिए जीवन भर माफ न करने की बात भी कह डाली।

 


 

पीएम मोदी अपनी नाराजगी उनकी बड़ी जीत के बाद भी नही भूले उन्होंने न ही प्रज्ञा ठाकुर की हौसला अफजाई की और न ही उन्हें कैबिनेट में कोई स्थान दिया।लेकिन फिर भी प्रज्ञा ठाकुर भाजपा से नाराज़ नही दिखी उनका मन भाजपा से जुड़ा है और नरेंद्र मोदी को वो सबसे बेहतर प्रधानमंत्री बताती हैं।